Bindu-bindu vichar

By: Vajpayee, Atal Bihari
Contributor(s): Sharma, Chandrika Prasad [Editor]
Material type: TextTextPublisher: New Delhi Kitabghar Prakashan 2019Edition: 9thDescription: 240 p.ISBN: 9788170163862Subject(s): Hindi writings | Hindi literary writingsDDC classification: H 891.438 Summary: राष्ट्रीयएकताकेसुदृढ़बनानेकेलिएआवश्यकहैकिहमराष्ट्रकीस्पष्टकल्पनालेकरचलें।राष्ट्रकुछसंप्रदायोंअथवाजनसमूहोंकासमुच्चयमात्रनहीं, अपितुएकजीवमानइकाईहै, जिसेजोड- तोड़करनहींबनायाजासकता।इसकाअपनाव्यक्तित्वहोताहै, जोउसकीप्रकृतिकेआधारपरकालक्रमकापरिणामहै।उसकेघटकोंमेंराष्ट्रीयताकीयहअनुभूति, मातृभूमिकेप्रतिभक्ति, उसकेजनकेप्रतिआत्मीयताऔरउसकेसंस्कृतिकेप्रतिगौरवकेभावमेंप्रकटहोतीहै।इसीआधारपरअपने-परायेका, शत्रु-मित्रका, अच्छे-बुरेकाऔरयोग्य-अयोग्यकानिर्णयहोताहै।जीवनकीइननिष्ठाओँतथामूल्योंकेचारोंओरविकसितइतिहासराष्ट्रीयत्वकीभावनाघनी- भूतकरताहुआउसेबलप्रदानकरताहै।उसीसेव्यक्तिकोत्यागऔरसमर्पणकी] पराक्रमऔरपुरुषार्थकी, सेवाऔरबलिदानकीप्रेरणामिलतीहै।
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Hindi Books Vikram Sarabhai Library
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Slot 2576 (3 Floor, East Wing) Fiction H 891.438 V2B4-2019 (Browse shelf) Available 202815

राष्ट्रीयएकताकेसुदृढ़बनानेकेलिएआवश्यकहैकिहमराष्ट्रकीस्पष्टकल्पनालेकरचलें।राष्ट्रकुछसंप्रदायोंअथवाजनसमूहोंकासमुच्चयमात्रनहीं, अपितुएकजीवमानइकाईहै, जिसेजोड- तोड़करनहींबनायाजासकता।इसकाअपनाव्यक्तित्वहोताहै, जोउसकीप्रकृतिकेआधारपरकालक्रमकापरिणामहै।उसकेघटकोंमेंराष्ट्रीयताकीयहअनुभूति, मातृभूमिकेप्रतिभक्ति, उसकेजनकेप्रतिआत्मीयताऔरउसकेसंस्कृतिकेप्रतिगौरवकेभावमेंप्रकटहोतीहै।इसीआधारपरअपने-परायेका, शत्रु-मित्रका, अच्छे-बुरेकाऔरयोग्य-अयोग्यकानिर्णयहोताहै।जीवनकीइननिष्ठाओँतथामूल्योंकेचारोंओरविकसितइतिहासराष्ट्रीयत्वकीभावनाघनी- भूतकरताहुआउसेबलप्रदानकरताहै।उसीसेव्यक्तिकोत्यागऔरसमर्पणकी] पराक्रमऔरपुरुषार्थकी, सेवाऔरबलिदानकीप्रेरणामिलतीहै।

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