Vigyapan dot com Sethi, Rekha

By: Sethi, Rekha
Publisher: New Delhi Vani Prakashan 2012Description: 310 p.ISBN: 9789350008959Subject(s): Advertising | Brand name product | Branding (Marketing)DDC classification: H 659.1 Summary: मीडिया और मनोरंजन जगत में अपना वर्चस्व क्षेत्र स्थापित करने वाले विज्ञापन की सत्ता उसके विविधमुखी उद्देश्यों पर टिकी है। उसका इतिहास न केवल इन सन्दर्भों को उजागर करता है, बल्कि उसके बढ़ते प्रसार क्षेत्र को समझने की अंतर्दृष्टि भी देता है। पुस्तक में उसके सैद्धांतिक पक्ष का विवरण देते हुए उसकी बदलती अवधारणाओं इतिहास और वर्गीकरण का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया है। लेखिका कहती हैं, विज्ञापन निर्माण एक जटिल प्रक्रिया है। मीडिया अध्ययन की कक्षाओं में हम साधारणत: विद्यार्थियों को विज्ञापन बनाने का काम सौंप देते हैं। विषय और भाषा में दक्षता रखने वाले विद्यार्थी भी ऐसे समय पर चूक जाते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए ही पुस्तक में विज्ञापन निर्माण प्रक्रिया को अत्यंत विस्तारपूर्वक समझाया गया है।
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Item type Current location Item location Collection Call number Status Date due Barcode
Hindi Books Vikram Sarabhai Library
Slot 2545 (3 Floor, East Wing) Fiction H 659.1 S3V4 (Browse shelf) Available 179482
Browsing Vikram Sarabhai Library shelves, Collection: Fiction Close shelf browser
H 659.1 S3V4 Vigyapan dot com

मीडिया और मनोरंजन जगत में अपना वर्चस्व क्षेत्र स्थापित करने वाले विज्ञापन की सत्ता उसके विविधमुखी उद्देश्यों पर टिकी है। उसका इतिहास न केवल इन सन्दर्भों को उजागर करता है, बल्कि उसके बढ़ते प्रसार क्षेत्र को समझने की अंतर्दृष्टि भी देता है। पुस्तक में उसके सैद्धांतिक पक्ष का विवरण देते हुए उसकी बदलती अवधारणाओं इतिहास और वर्गीकरण का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया है। लेखिका कहती हैं, विज्ञापन निर्माण एक जटिल प्रक्रिया है। मीडिया अध्ययन की कक्षाओं में हम साधारणत: विद्यार्थियों को विज्ञापन बनाने का काम सौंप देते हैं। विषय और भाषा में दक्षता रखने वाले विद्यार्थी भी ऐसे समय पर चूक जाते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए ही पुस्तक में विज्ञापन निर्माण प्रक्रिया को अत्यंत विस्तारपूर्वक समझाया गया है।

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