Vajpayee, Atal Bihari

Bindu-bindu vichar - 9th - New Delhi Kitabghar Prakashan 2019 - 240 p.

राष्ट्रीयएकताकेसुदृढ़बनानेकेलिएआवश्यकहैकिहमराष्ट्रकीस्पष्टकल्पनालेकरचलें।राष्ट्रकुछसंप्रदायोंअथवाजनसमूहोंकासमुच्चयमात्रनहीं, अपितुएकजीवमानइकाईहै, जिसेजोड- तोड़करनहींबनायाजासकता।इसकाअपनाव्यक्तित्वहोताहै, जोउसकीप्रकृतिकेआधारपरकालक्रमकापरिणामहै।उसकेघटकोंमेंराष्ट्रीयताकीयहअनुभूति, मातृभूमिकेप्रतिभक्ति, उसकेजनकेप्रतिआत्मीयताऔरउसकेसंस्कृतिकेप्रतिगौरवकेभावमेंप्रकटहोतीहै।इसीआधारपरअपने-परायेका, शत्रु-मित्रका, अच्छे-बुरेकाऔरयोग्य-अयोग्यकानिर्णयहोताहै।जीवनकीइननिष्ठाओँतथामूल्योंकेचारोंओरविकसितइतिहासराष्ट्रीयत्वकीभावनाघनी- भूतकरताहुआउसेबलप्रदानकरताहै।उसीसेव्यक्तिकोत्यागऔरसमर्पणकी] पराक्रमऔरपुरुषार्थकी, सेवाऔरबलिदानकीप्रेरणामिलतीहै।

9788170163862


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H 891.438 / V2B4-2019

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